Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को अंचल कार्यालयों की धीमी कार्यप्रणाली और आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कई विधायकों ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आम नागरिकों और छात्रों को काम कराने के लिए बार-बार ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना सुविधा शुल्क के काम नहीं हो पा रहा है। विधायक नीरा यादव, सीपी सिंह और मनोज यादव समेत कई सदस्यों ने कहा कि अंचल कार्यालयों की कार्यशैली से जनता त्रस्त है और व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
मंत्री ने ‘राइट टू सर्विस’ का दिया हवाला
विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि राज्य में वर्ष 2011 से ‘राइट टू सर्विस’ (सेवा का अधिकार अधिनियम) लागू है, जिसके तहत सभी सेवाओं के लिए समयसीमा तय है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी समय पर कार्य नहीं करता या नियमों का उल्लंघन करता है तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें :झारखंड विधानसभा में आयुष चिकित्सा व्यवस्था पर हंगामा, मंत्री बोले- जल्द शुरू होगी भर्ती
म्यूटेशन और सो-मोटो सिस्टम पर उठे सवाल
विधायक नीरा यादव ने जमीन निबंधन के बाद दाखिल-खारिज प्रक्रिया में देरी और अन्य प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2022 से लागू ‘सो-मोटो दाखिल-खारिज सिस्टम’ जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं दिख रहा है। साथ ही छात्रों के लिए प्रमाण पत्र जारी करने हेतु विशेष कैंप आयोजित करने की मांग भी की गई।
सीपी सिंह ने उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा
भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने मंत्री से कड़ा सवाल करते हुए कहा कि विधायकों का बड़ा समय अंचल कार्यालयों की शिकायतें सुलझाने में चला जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून बनने मात्र से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता और एक ही प्लॉट पर बार-बार म्यूटेशन होना गंभीर लापरवाही है। मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन को आश्वस्त किया कि जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जैसे मामलों का तेजी से निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।
Reporter | Samachar Post