Samachar Post रिपोर्टर,रांची :राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत नीड बेस्ड लेक्चररों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की नई भर्ती नियमावली के खिलाफ गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में शिक्षक मुख्यमंत्री आवास के पास सड़कों पर उतर आए और हाल ही में जारी पॉलिटेक्निक लेक्चरर भर्ती विज्ञापन को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि नए नियम लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।
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नए विज्ञापन पर आपत्ति
प्रदर्शनकारियों के अनुसार राज्य में पहले 252 नीड बेस्ड लेक्चररों की नियुक्ति न्यूनतम बीटेक योग्यता के आधार पर की गई थी। ये शिक्षक कई वर्षों से संस्थानों में पढ़ा रहे हैं और तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था संभाल रहे हैं। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 13 फरवरी को जेपीएससी ने 355 पदों पर पॉलिटेक्निक लेक्चरर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया, जिसमें एमटेक, पीएचडी, जीईटी और रिसर्च से जुड़ी योग्यताओं को अनिवार्य किया गया है। लेक्चररों का आरोप है कि नई शर्तें उनके लिए भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की स्थिति पैदा करती हैं, जबकि उनकी नियुक्ति पुराने नियमों के तहत हुई थी।
सरकार से मांग और आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने भर्ती विज्ञापन में संशोधन या उसे रद्द करने की मांग की है। साथ ही वर्तमान में कार्यरत नीड बेस्ड लेक्चररों को प्राथमिकता देने और आवश्यक छूट प्रदान करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि इस मुद्दे को तकनीकी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा अहम विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि विवाद लंबा खिंचने पर इसका असर कॉलेजों की पढ़ाई और छात्रों पर पड़ सकता है।
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