Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड जगुआर के 18वें स्थापना दिवस पर कैंपस में भव्य परेड समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा शामिल हुईं। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस और केंद्रीय बलों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जवान मौजूद रहे। समारोह की शुरुआत पारंपरिक स्वागत और ‘जोहार’ के साथ हुई।
24 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, 2008 में गठन नक्सल विरोधी अभियानों में अहम भूमिका
कार्यक्रम में सबसे पहले उन 24 जवानों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान अपनी जान कुर्बान की। वक्ताओं ने कहा कि उनकी शहादत के कारण ही राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है। झारखंड पुलिस के तहत 2008 में गठित यह विशेष बल नक्सल उन्मूलन के लिए तैयार किया गया था। जिला बल, सशस्त्र बल और आईआरबी के चयनित जवानों को इसमें शामिल किया गया। बीते वर्षों में इस बल ने राज्य के दुर्गम इलाकों में कई अभियान चलाकर उग्रवादियों की गतिविधियों को कमजोर किया है।
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50 से अधिक उग्रवादी मारे गए हैं और 300 से ज्यादा गिरफ्तारियां
अब तक 114 मुठभेड़ों में 50 से अधिक उग्रवादी मारे गए हैं और 300 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। करीब 4,500 हथियार और 3,000 से अधिक आईईडी बरामद किए गए हैं। वर्ष 2025 में ही 7 उग्रवादियों को मार गिराया गया। साथ ही संयुक्त अभियान में विस्फोटक सामग्री और हथियारों की बरामदगी भी हुई। अधिकारियों के अनुसार राज्य में नक्सली गतिविधियां काफी सीमित हो चुकी हैं और फिलहाल कुछ जिलों में ही प्रभाव बचा है। इनमें पश्चिमी सिंहभूम का चाईबासा क्षेत्र सबसे संवेदनशील माना जा रहा है, जहां लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
जवानों की सुविधाओं पर जोर
बल को बेहतर प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका है। कई अधिकारियों और जवानों को वीरता व उत्कृष्ट सेवा पदक से नवाजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि मजबूत नेतृत्व और प्रशिक्षण से नक्सली हिंसा में कमी आई है। समारोह में डीजीपी ने कैंपस में 10 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा की। साथ ही बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा की गई, ताकि जवानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जनसेवा हमारी प्राथमिकता- तदाशा मिश्रा
पिछले वर्षों में कैंपस को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। सोलर प्लांट, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता सुविधाओं के साथ हर साल पौधारोपण अभियान चलाकर परिसर को हरित बनाया जा रहा है। अपने संबोधन में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि कानून का सम्मान बनाए रखना और जनता के मन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जवानों को समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ काम करने का संदेश दिया।
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