- रांची में आयोजित राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में 2200 बच्चों ने दिखाया दम, इन बच्चों के कैलकुलेशन के आगे कैलकुलेटर भी फेल
- पांच बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी है एसआईपी प्रॉडिजी प्रतियोगिता
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में रविवार को आयोजित राज्य स्तरीय ‘एसआईपी प्रॉडिजी-2026’ प्रतियोगिता में बच्चों की बौद्धिक क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। एसआईपी एकेडमी इंडिया द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्यभर से आए 2200 बच्चों ने हिस्सा लिया और अबेकस व मानसिक अंकगणित (मेंटल मैथ्स) में अपनी प्रतिभा से सभी को चौंका दिया। प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि बच्चों ने 300 प्रश्नों के जवाब 11 मिनट से भी कम समय में बिना कैलकुलेटर के हल कर दिए, जिसे देखकर अभिभावक और शिक्षक भी दंग रह गए।
इस प्रतियोगिता में रांची, जमशेदपुर, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, डाल्टनगंज, खूंटी, देवघर, दुमका, लोहरदगा, गोड्डा, गिरीडीह और गुमला में संचालित 85 एसआईपी लर्निंग सेंटरों से 6 से 12 साल तब के करीब 2200 बच्चे शामिल हुए। बच्चों ने अबेकस, ब्रेन जिम और मानसिक गणना कौशल के जरिए बेहद तेज गति और सटीकता से प्रश्नों को हल कर यह साबित कर दिया कि नियमित अभ्यास से मस्तिष्क की क्षमता कितनी असाधारण हो सकती है।
सैकड़ों बच्चों को मिला सम्मान
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। जिन्होंने सबसे उम्दा प्रदर्शन किया, वैसे 17 बच्चे पूरे प्रतियोगिता के चैंपियन बने। जबकि प्रथम उपविजेता 129 बच्चे, द्वितीय उपविजेता 186 बच्चे और तृतीय उपविजेता 347 बच्चे रहें। इतना ही नहीं, इनके अलावा 861 बच्चों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस तरह कुल 1593 बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया।
बच्चों की प्रतिभा पर गर्व
एसआईपी एकेडमी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश विक्टर ने कहा कि बच्चों ने जिस गति और सटीकता से इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रश्न हल किए, वह असाधारण है। यह साबित करता है कि एसआईपी का प्रशिक्षण बच्चों के मस्तिष्क को नई ऊंचाई देता है। रीजनल हेड सुभजीत मल्लिक ने कहा कि झारखंड के बच्चों में गजब की प्रतिभा है। मंच मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं, स्टेट हेड इकबाल सिंह होरा ने कहा कि आज बच्चों ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन मिले तो कैलकुलेटर भी उनके सामने फेल है।
पांच बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज प्रतियोगिता
‘एसआईपी प्रॉडिजी’ प्रतियोगिता अब तक पांच बार लिम्का बुक ऑफ नेशनल रिकॉर्ड्स में अपना स्थान बना चुकी है, जो इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। आयोजकों के अनुसार, यह प्रतियोगिता न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच है, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, एकाग्रता और बौद्धिक विकास का मजबूत आधार भी है। एसआईपी प्रॉडिजी-2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि झारखंड के बच्चे प्रतिभा में किसी से कम नहीं और सही प्रशिक्षण मिलने पर वे असंभव को भी संभव बना सकते हैं।