- 70 से अधिक प्रतिभागियों और 30 फैकल्टी की रही सहभागिता, देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में रविवार को ईसीएमओ सीएमई सह हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड एवं पूरे क्षेत्र में अपनी तरह का पहला आयोजन रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के 70 से अधिक प्रतिभागियों और 30 से अधिक संकाय सदस्यों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में डॉक्टरों की सहभागिता ने इस कार्यशाला की शैक्षणिक उपयोगिता और महत्व को रेखांकित किया।
एक्स्ट्राकॉरपोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ईसीएमओ) एक उन्नत जीवन-रक्षक क्रिटिकल केयर तकनीक है, जिसका उपयोग उन गंभीर मरीजों में किया जाता है, जिनके फेफड़े या हृदय सामान्य उपचार और वेंटिलेशन के बावजूद पर्याप्त रूप से कार्य नहीं कर पाते। इस तकनीक में रक्त को शरीर के बाहर एक विशेष मशीन से ऑक्सीजन देकर पुनः शरीर में प्रवाहित किया जाता है, जिससे फेफड़ों और अन्य अंगों को स्वस्थ होने का समय मिलता है। सेप्सिस, गंभीर श्वसन रोग, ट्रॉमा और हृदय विफलता जैसे मामलों में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और लाइव डेमोंस्ट्रेशन
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, लाइव डेमोंस्ट्रेशन, केस-बेस्ड डिस्कशन और इंटरएक्टिव व्याख्यान के माध्यम से ईसीएमओ की शुरुआत, संचालन, मॉनिटरिंग और जटिलताओं के प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कई राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए, जिनमें प्रमुख रूप से मणिपाल अस्पताल कोलकाता से डॉ. दीपंजन चटर्जी, सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली से डॉ. विनोद सिंह और डॉ. सौरभ तनेजा, आईजीआईएमएस पटना से डॉ. प्रणय ओझा, डॉ. कपिल ठक्कर, डॉ. निरंजन पाणीग्रही, डॉ. रितु सिंह और एम्स पटना के डॉ. अजीत कुमार शामिल रहे।
निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन रिम्स निदेशक डॉ. राज कुमार व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हीरेंद्र बिरुआ ने किया। आयोजन एनेस्थीसियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शिओ प्रिये और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के डॉ. जय प्रकाश के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस कार्यशाला के साथ रिम्स में ईसीएमओ सेवाओं की शुरुआत और विस्तार का रास्ता मजबूत हुआ है। इससे अब झारखंड के गंभीर मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा और बाहर रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। झारखंड में पहली बार ईसीएमओ सोसाइटी की स्थापना और इस ऐतिहासिक आयोजन ने राज्य के क्रिटिकल केयर क्षेत्र में रिम्स को एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।