Samachar Post डेस्क,बिहार :सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में निजी स्कूल बसों और चालकों के अनिवार्य सत्यापन का आदेश जारी किया है। परिवहन विभाग के मुताबिक, जांच में बस की फिटनेस, निर्माण वर्ष, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, इंश्योरेंस, उम्र, और चालक की शारीरिक व मेडिकल स्थिति जैसे सभी ज़रूरी मानकों की समीक्षा की जाएगी। परिवहन विभाग ने सभी जिला परिवहन कार्यालयों (DTO) को निर्देश दिया है कि 15 जनवरी 2026 तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। पटना के जिला परिवहन पदाधिकारी उपेंद्र कुमार पाल ने बताया कि इस संबंध में सभी निजी स्कूलों को जल्द आधिकारिक सूचना भेजी जाएगी। स्कूलों से बसों और चालकों की पूरी जानकारी भी मांगी गई है।
यह भी पढ़ें :दुमका में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पुलिस टीम को रौंदा, SI हेमन्त भगत की मौत, कांस्टेबल गंभीर
कमी मिलने पर स्कूल और चालक, दोनों पर कार्रवाई
जांच के दौरान यदि किसी बस में फिटनेस संबंधी खामी या चालक के दस्तावेज़ों में अनियमितता पाई जाती है, तो चालक के साथ-साथ संबंधित स्कूल पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
2000+ छात्रों वाले स्कूलों को खुद निभानी होगी परिवहन ज़िम्मेदारी
परिवहन विभाग ने यह भी बताया कि जिन स्कूलों में 2000 या उससे अधिक छात्र पढ़ते हैं, उन्हें Motor Vehicle Act 2019 संशोधन के अनुसार बच्चों को घर से स्कूल लाने और छोड़ने की परिवहन ज़िम्मेदारी खुद सुनिश्चित करनी होगी। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
Reporter | Samachar Post