Samachar Post डेस्क, बिहार: बिहार के सीतामढ़ी निवासी गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर, जिसने खुद को IAS अधिकारी बताकर यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड में करोड़ों रुपये की ठगी की थी, आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया।
ठगी का तरीका
गौरव ने अपने आप को IAS अधिकारी बताने के लिए लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार और 10–15 लोगों की टीम का इस्तेमाल किया। वह अधिकारियों की तरह दौरे करता और सरकारी ठेके दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठता था। बताया जाता है कि अपनी दिखावटी जीवनशैली बनाए रखने के लिए वह हर महीने करीब 5 लाख रुपये खर्च करता था।
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विवाद और असली अफसर से सामना
भागलपुर में उसकी एक बार असली SDM से भिड़ंत भी हुई। SDM ने बैच और रैंक के बारे में पूछा, जिस पर गौरव ने उसे थप्पड़ मार दिया। चौंकाने वाली बात यह थी कि SDM ने कोई शिकायत नहीं की, और गौरव अपने फर्जी IAS खेल को जारी रखता रहा।
निजी जीवन और धोखाधड़ी
पुलिस जांच में पता चला कि गौरव की चार गर्लफ्रेंड थीं, जिनमें से तीन गर्भवती थीं। सभी उसे IAS मानकर रिश्ते में थीं, जबकि वह बिहार की एक लड़की से शादीशुदा था। सोशल मीडिया पर अपनी फर्जी पहचान को मजबूत करने में उसके साले अभिषेक कुमार की मदद थी।
ठगी के मामले
गौरव ने सरकारी ठेके दिलाने का झांसा देकर AI की मदद से फर्जी टेंडर बनाए। बिहार के एक कारोबारी से 450 करोड़ का ठेका दिलाने के नाम पर 5 करोड़ रुपये और दो इनोवा कारें ठग लीं। उसकी ठगी की शुरुआत 2022 में ‘आदित्य सुपर-50’ नाम से खोली गई कोचिंग से हुई, जहां उसने छात्र से नौकरी दिलाने का वादा कर 2 लाख रुपये ठग लिए।
गिरफ्तारी और जांच
गौरव ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका फर्जी IAS बनने का उद्देश्य अपने करियर के खत्म होने का डर और पैसों की लालच था। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।