झारखंड: एडवांस ग्राफिक्स सिमुलेटर से मेडिकल स्टूडेंट्स सिखेंगे बॉडी डिसेक्शन की तकनीक, 3-3 करोड़ में होगी उपकरण की खरीद

Rupa Kumari | August 7, 2025 | 01:59 PM IST
  • राज्य के 5 मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में 15 करोड़ की लागत से लगेगी डिससेक्शन सिमुलेटर मशीन
  • स्वास्थ्य विभाग ने 15 करोड़ राशि की दी प्रशासनिक स्वीकृति, जल्द खरीद होकर मेडिकल कॉलेजों में होगा इंस्टॉल

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों में अब मेडिकल स्टूडेंट अत्याधुनिक तकनीक से मानव शरीर के विभिन्न अंगों और प्रणालियों की विस्तृत शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। रिम्स को छोड़कर राज्य के पांच मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में सरकार अत्याधुनिक डिससेक्शन सिमुलेटर मशीन इंस्टॉल कराने की तैयारी में है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 15 करोड़ की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। जल्द ही मशीन की क्रय प्रक्रिया शुरू की जाएगी और मशीन इंस्टॉलेशन का काम शुरू होगा। मिली जानकारी के अनुसार, पांचों मेडिकल कॉलेज में यह मशीन 3-3 करोड़ की लागत से लगाई जाएगी।

इन मेडिकल कॉलेज में लगाई जाएगी मशीन

यह सिमुलेटर मशीन महात्मा गांधी मेमोरियल चिकित्सा महाविद्यालय जमशेदपुर, शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय धनबाद, शेख भिखारी चिकित्सा महाविद्यालय हजारीबाग, फूलो-झानो चिकित्सा महाविद्यालय दुमका और मेदिनी राय चिकित्सा महाविद्यालय पलामू में लगाया जाना है।

वर्चुअल रूप से मानव शरीर के अंग की बारीकी सिख सकेंगे स्टूडेंट्स

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस मशीन के लगने से मेडिकल स्टूडेंट वर्चुअल रूप से मानव शरीर के एक-एक अंग की बारीकी सिख सकेंगे। इस पहल से मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना का अध्ययन और भी सरल, सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से करने का अवसर मिलेगा। यह एक प्रयास है कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा बेहतर की जा सके। जल्द सभी मेडिकल कॉलेजों में और भी उपकरण लगाए जाएंगे।

वर्चुअल मॉडल पर होगा अध्ययन

फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज दुमका के एनाटॉमी विभाग के एचओडी डॉ. करमाली ने बताया कि इस सिमुलेटर मशीन की मदद से छात्र वर्चुअल मॉडल पर शव विच्छेदन (डिससेक्शन) की प्रक्रिया को सीख सकेंगे। पारंपरिक तरीके में जहां छात्रों को शव पर निर्भर रहना पड़ता था। वहीं यह नई तकनीक थ्रीडी विजुअलाइजेशन के साथ रियल टाइम में मानव शरीर की संरचना को स्पष्ट रूप से दिखाएगी।

अब शव पर निर्भरता कम होगी

पारंपरिक तरीके में एनाटॉमी पढ़ाई के लिए छात्रों को शव पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस मशीन से यह निर्भरता काफी कम हो जाएगी। छात्र थ्रीडी विजुअलाइजेशन और रियल टाइम डिस्प्ले के जरिए वर्चुअल मॉडल पर ही शव विच्छेदन (डिससेक्शन) की प्रक्रिया सीख सकेंगे।

बेहतर सुविधा और गुणवत्ता में इजाफा

फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज दुमका के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. करमाली के अनुसार, यह तकनीक छात्रों को बार-बार अभ्यास करने का मौका देगी। इससे न केवल उनकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि एनाटॉमी शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मशीन की खरीद और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद छात्रों को एनाटॉमी पढ़ाई में अत्याधुनिक वर्चुअल डिससेक्शन का अनुभव मिलेगा।

क्या है डिससेक्शन सिमुलेटर मशीन

यह एक उन्नत तकनीकी उपकरण है जो मेडिकल छात्रों को बिना वास्तविक शव के मानव शरीर की संरचना का विस्तृत अध्ययन करने का अवसर देता है। यह इंटरैक्टिव मशीन विभिन्न अंगों और प्रणालियों का वास्तविक जैसा दृश्य और अनुभव उपलब्ध कराती है, जिससे पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी हो जाती है।

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