- वर्षों से चल रहा अवैध अभ्रक कारोबार
Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : गिरिडीह के तिसरी गावां के घने जंगली क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध अभ्रक (माइका) खनन और परिवहन का धंधा फलता-फूलता रहा है। ढिबरा मजदूरों की मजबूरी और गरीबी का फायदा उठाकर कीमती माइका देशभर के बाजारों तक सप्लाई किया जाता रहा। यह अवैध व्यापार मजदूरों के स्वास्थ्य और जान को खतरे में डालता है, जबकि सिंडिकेट से जुड़े रसूखदार लोग लगातार मालामाल होते रहे।
दो गोदाम सील, भारी मात्रा में माइका बरामद
खोरीमहुआ एसडीएम अनिमेष रंजन और एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद की संयुक्त टीम ने तिसरी के केवटाटांड में बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी में दो विशाल गोदाम सील, सैकड़ों बोरा कच्चा माइका, माइका पाउडर, प्रोसेसिंग मशीनें और उपकरण बरामद किए गए। कार्रवाई इतनी अचानक थी कि माइका माफियाओं में हड़कंप मच गया।
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प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
यह क्षेत्र वर्षों से अवैध खनन का केंद्र रहा है। समय-समय पर कार्रवाई के बावजूद माइका सिंडिकेट पर लगाम नहीं लग पाई। स्थानीय लोगों के सवाल, अगर वन और खनन विभाग सचेत थे, तो इतना बड़ा स्टॉक कैसे जमा हो गया? इतनी बड़ी गतिविधि लंबे समय तक कैसे चलती रही?पहले भी कई रिपोर्टें सामने आई थीं, लेकिन व्यापक और स्थायी कार्रवाई की कमी लोगों को परेशान करती है।
गिरिडीह शहर के बड़े कारोबारी अब भी रडार से बाहर
तिसरी गावां में छापेमारी हुई है, लेकिन गिरिडीह शहरी क्षेत्र में बैठे बड़े माइका कारोबारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का दावा, गांवा–तिसरी से निकला माइका शहर के गोदामों में स्टोर होता है, वहीं से इसे प्रोसेस कर बाहर भेजा जाता है। इसलिए लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन अगली कार्रवाई शहर के बड़े नेटवर्क पर करे।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।