Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची में रिम्स की अधिग्रहित जमीन से जुड़े चर्चित फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी प्रमोद कुमार महतो को बड़ा झटका लगा है। एसीबी की विशेष अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। जांच एजेंसी के अनुसार मामले में आरोप है कि रिम्स की अधिग्रहित जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की गई थी। इसी मामले में एसीबी ने 7 अप्रैल को चार आरोपियों राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था।
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हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि रिम्स के लिए अधिग्रहित भूमि को निजी जमीन बताकर उस पर अवैध कब्जा किया गया था।

9.65 एकड़ अधिग्रहित जमीन पर हुआ था अतिक्रमण
मामला वर्ष 1964-65 में रिम्स के लिए अधिग्रहित करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि इस भूमि पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकान का निर्माण कर लिया गया था। बाद में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया था।
जांच और कानूनी कार्रवाई जारी
एसीबी इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी जमीन पर कब्जा करने और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।

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