राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ी तकरार, राजेश ठाकुर बोले- जहां विश्वास होता है, वहीं धोखा भी मिलता है

Rupa Kumari | June 19, 2026 | 03:07 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद अब झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी क्रॉस वोटिंग के आरोपों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामदलों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। राजेश ठाकुर ने कहा, “जहां विश्वास होता है, वहीं धोखा भी होता है।” उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम गठबंधन के भीतर हुई कथित क्रॉस वोटिंग की ओर संकेत करते हैं।

कांग्रेस को मिले 21 वोट, एक वोट हुआ अमान्य

राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पास कुल 26 वोटों का समर्थन होने का दावा था, लेकिन मतगणना में पार्टी उम्मीदवार को 21 वोट मिले, जबकि एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया। उनके अनुसार, कांग्रेस को अपने 16 विधायकों के अलावा झामुमो के 4, राजद के 4 और वामदलों के 2 वोट मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद और वामदलों के वोट कांग्रेस उम्मीदवार तक नहीं पहुंचे।

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को मिली हार

गुरुवार को झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी विजयी घोषित हुए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। परिणाम सामने आने के बाद झारखंड कांग्रेस प्रभारी  के. राजू राजद और वामदलों के विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया।

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राजद और वामदलों ने आरोपों को किया खारिज

कांग्रेस के आरोपों के बाद राजद और वामदलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजद नेताओं का कहना है कि उनके सभी विधायकों ने गठबंधन के निर्णय के अनुसार मतदान किया है। देवघर से राजद विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि मतदान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और पूर्व प्रशिक्षण के अनुसार किया गया तथा पार्टी के सभी वोट कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए। वहीं राजद के चुनाव एजेंट भोला प्रसाद यादव ने कहा कि क्रॉस वोटिंग की संभावना नहीं है, क्योंकि मतदान से पहले विधायकों ने अपने मतपत्र निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिखाए थे।

महागठबंधन में बढ़ी तल्खी

वामदलों ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय सहयोगी दलों पर आरोप लगा रही है। वाम नेताओं का कहना है कि यदि कांग्रेस उम्मीदवार को अपेक्षित वोट नहीं मिले तो पार्टी को अपने भीतर कारण तलाशने चाहिए। राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन के घटक दलों के बीच बढ़ी बयानबाजी ने झारखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि यह विवाद आगे किस दिशा में बढ़ता है और गठबंधन की एकजुटता पर इसका क्या असर पड़ता है।

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