Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड के चर्चित अलकतरा घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी कॉन्ट्रैक्टर झमन प्रसाद को दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी। सीबीआई की विशेष अदालत ने लंबे समय से चल रहे इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत में कुल 7 आरोपियों ने ट्रायल फेस किया था। सुनवाई के दौरान 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर केवल एक आरोपी को दोषी पाया गया, जबकि अन्य को बरी कर दिया गया।
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4 इंजीनियर और 2 सहायक अभियंता बरी
मामले में ट्रायल फेस करने वाले तत्कालीन 4 कनीय अभियंता और 2 सहायक अभियंता को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। बरी हुए एक आरोपी भुनेश्वर महतो वर्तमान में पथ प्रमंडल गोड्डा में कार्यरत हैं, जबकि अन्य 5 आरोपी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

2009 का है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2009 से जुड़ा है। जांच के अनुसार 2005-2006 में भुरकुंडा–पतरातू मार्ग के 6 किलोमीटर हिस्से के नवीकरण कार्य में अनियमितता सामने आई थी।
सरकारी अलकतरा की जगह निजी खरीद पर विवाद
जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य के लिए अलकतरा की खरीद सरकारी एजेंसी से होनी चाहिए थी, लेकिन इसे निजी एजेंसी से खरीदा गया। इसी अनियमितता को लेकर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीबीआई जांच में करीब 20.23 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था। मामले में अदालत ने सबूतों के आधार पर केवल एक आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई।

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