Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर सामने आई है। टाटा स्टील के खिलाफ CGST विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 890.52 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है। यह आदेश एडजुडिकेशन प्रक्रिया के बाद संयुक्त आयुक्त, CGST द्वारा पारित किया गया।
ITC का गलत लाभ लेने का आरोप
कंपनी पर आरोप है कि उसने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ लिया। इस मामले में CGST की धारा 74 के तहत वसूली और धारा 50 के तहत ब्याज भी लगाने का निर्देश दिया गया है। यह पूरा मामला भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट के बाद सामने आया। रिपोर्ट में तीन वित्तीय वर्षों के दौरान ITC में बड़े अंतर की बात सामने आई थी।
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कंपनी की दलीलें खारिज
मामले को एडजुडिकेशन में ले जाने के बाद टाटा स्टील ने अपने पक्ष में दस्तावेज और तर्क पेश किए, लेकिन जांच के दौरान उन्हें खारिज कर दिया गया। अधिकारियों ने CAG की रिपोर्ट को सही मानते हुए वसूली का आदेश जारी कर दिया।
तीन साल में 890 करोड़ का अंतर
ऑडिट में GSTR-3B और GSTR-2A के आंकड़ों का मिलान किया गया, जिसमें भारी अंतर सामने आया:
- 2018-19: 149.10 करोड़ रुपये अधिक ITC
- 2019-20: 421.04 करोड़ रुपये अधिक ITC
- 2020-21: 320.37 करोड़ रुपये अधिक ITC
तीनों वर्षों को मिलाकर कुल 890.52 करोड़ रुपये के ITC का गलत लाभ सामने आया।
अपील का विकल्प मौजूद
हालांकि, टाटा स्टील के पास इस आदेश के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। माना जा रहा है कि कंपनी आने वाले दिनों में इस फैसले को चुनौती दे सकती है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।