Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड की राजधानी में स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डा इन दिनों दोहरी चुनौती से जूझ रहा है। एक तरफ एयरपोर्ट की बड़ी जमीन पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर केंद्र सरकार के मोनेटाइजेशन (प्राइवेटाइजेशन) प्लान से बाहर होने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक एयरपोर्ट की कुल 1,520 एकड़ जमीन में से करीब 858 एकड़ पर अवैध कब्जा हो चुका है। यानी आधे से ज्यादा जमीन उपयोग से बाहर हो गई है। फिलहाल एयरपोर्ट प्रबंधन के पास करीब 514 एकड़ जमीन ही बची है, जिससे विस्तार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
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सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
अतिक्रमण का असर सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बस्तियां बस रही हैं। अनियोजित निर्माण विमानन नियमों के खिलाफ है। सुरक्षा एजेंसियां कई बार जता चुकी हैं चिंता।
बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल, फिर भी पिछड़ रहा
क्षेत्रफल के आधार पर रांची एयरपोर्ट देश के बड़े एयरपोर्ट्स में गिना जाता है। इसकी तुलना इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसे आधुनिक एयरपोर्ट्स से की जाती है।लेकिन जमीन की कमी के कारण यह विकास की दौड़ में पीछे छूटता जा रहा है। एयरपोर्ट विस्तार के लिए 2012-13 से 303 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक पूरी नहीं हो पाई है। 35 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। चिन्हित जमीन पर मंदिर और करीब 150 घर बने हुए हैं। मामला लगातार उलझता जा रहा है।
अधूरी पड़ी विकास योजनाएं
जमीन की कमी के कारण कई बड़े प्रोजेक्ट अधर में लटके हैं आइसोलेशन बे, कैट-2 लाइट सिस्टम, पैरेलल टैक्सी ट्रैक, टर्मिनल विस्तार, कार्गो कॉम्प्लेक्स ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट। एयरपोर्ट से रोजाना करीब 8,000 यात्री यात्रा कर रहे हैं। नई उड़ानों के प्रस्ताव भी मिले हैं और इंटरनेशनल फ्लाइट्स की संभावना बढ़ी है। इसके बावजूद बुनियादी ढांचे का विस्तार जमीन की कमी के कारण नहीं हो पा रहा है। पूर्व एयरपोर्ट निदेशक एवी कृष्णा ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो रांची की हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास प्रभावित होगा। वहीं रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि विस्तार की योजनाएं जारी हैं और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने की जरूरत है।
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