Samachar Post रिपोर्टर, बिहार : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को संसद भवन में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली। इस मौके पर एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उधर, उनके करीबी माने जाने वाले हरिवंश नारायण सिंह को भी राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए फिर से मनोनीत किया गया है। राज्यसभा में जाने के बाद यह लगभग साफ माना जा रहा है कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर आगे नहीं बने रहेंगे। दूसरी ओर, राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मू ने हरिवंश को उच्च सदन के लिए नामित किया है।
दिल्ली की भूमिका और बदलती सियासत
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले को बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें मीडिया से दूर रखने की चर्चाएं भी रही हैं। बिहार के वरिष्ठ पत्रकार पुष्य मित्र का कहना है कि एक बार फिर बिहार की सत्ता को लेकर फैसले दिल्ली में तय होते नजर आ रहे हैं।
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उत्तराधिकारी की तलाश तेज
अब सबसे बड़ा सवाल बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर है। इस बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम तेजी से चर्चा में है। हालांकि वे पहले राजनीति में आने को लेकर अनिच्छा जता चुके हैं, लेकिन अब उन्हें पार्टी में अहम जिम्मेदारी दिए जाने और संभावित तौर पर डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।