Samachar Post डेस्क, रांची :नई दिल्ली में एलपीजी की कथित कमी की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सौर ऊर्जा से चलने वाले स्टोव को विकल्प के रूप में अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने इसे भविष्य की जरूरत बताते हुए “गेम चेंजर” कहा। प्रह्लाद जोशी ने एक इम्पोर्टेड स्टोव का जिक्र करते हुए बताया कि यह बिजली के जरिए एलपीजी जैसी लौ उत्पन्न करता है, जिससे आसानी से खाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों को इस तकनीक को अपनाकर देश में बड़े पैमाने पर उत्पादन करना चाहिए।
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PM सूर्यघर योजना से जोड़ने की बात
मंत्री ने बताया कि अगर इस स्टोव को PM सूर्यघर योजना से जोड़ा जाए, तो सौर ऊर्जा से बिजली बनाकर खाना पकाना संभव हो जाएगा। इससे एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सकती है। हालांकि सरकार लगातार यह कह रही है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई जगहों से गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
वैश्विक हालात से प्रभावित सप्लाई
विशेषज्ञों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर नियंत्रण और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।
क्या बदल सकता है भविष्य?
सरकार का मानना है कि सोलर और इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्प आने वाले समय में पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इसे बड़े स्तर पर अपनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और लागत जैसे मुद्दों पर काम करना होगा।
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