Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड में बालू के अवैध उत्खनन को लेकर सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। RJD के प्रदेश महासचिव धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि गोड्डा जिले में बालू, पत्थर, गिट्टी और छर्री का अवैध उत्खनन लंबे समय से जारी है। इससे नदियां बालू विहीन हो रही हैं और जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिसका असर पर्यावरण और खेती पर पड़ रहा है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
इस मुद्दे पर पहले भी कई नेताओं ने आवाज उठाई है संजय प्रसाद यादव ने सवाल खड़े किए, प्रदीप यादव ने सनातन घाट से रोजाना अवैध उठाव का मुद्दा उठाया के राजू ने आंदोलन की चेतावनी दी अंबा प्रसाद इस मुद्दे पर लगातार आंदोलनरत हैं
करोड़ों की अवैध कमाई का आरोप धनंजय यादव ने दावा किया कि एक बालू घाट से प्रतिदिन करीब 27.75 लाख रुपये की अवैध उगाही हो रही है। यदि पूरे जिले और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों की जांच हो, तो यह रकम करोड़ों तक पहुंच सकती है।
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कई इलाकों में बिगड़ा हाल
उन्होंने बताया कि गोड्डा की कढिया, हरना, त्रिवेणी और निलझी जैसी नदियां पहले ही बालू विहीन हो चुकी हैं, जिससे किसानों को सिंचाई में भारी दिक्कत हो रही है। मामले में मिर्जा चौकी से मेहरमा होते हुए बिहार के भागलपुर तक बालू, पत्थर और गिट्टी की अवैध ढुलाई पर भी सवाल उठाए गए हैं। RJD ने इसकी गहन जांच की मांग की है।
उच्चस्तरीय जांच से होगा खुलासा
RJD का कहना है कि अवैध कमाई किन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंच रही है, इसका खुलासा सिर्फ उच्चस्तरीय जांच से ही संभव है। पार्टी ने मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।