Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा :जामताड़ा रेलवे साइडिंग के कर्मियों ने बकाया वेतन की मांग को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण पूरे इलाके में कोयले की ढुलाई ठप हो गई और साइडिंग परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है। चितरा कोल माइंस से कोयला लेकर आने वाले डंपर साइडिंग परिसर में ही फंसे हुए हैं। कतारें इतनी लंबी हैं कि दुमका रोड तक पहुंच गई हैं। काम ठप होने से ट्रांसपोर्ट सिस्टम पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
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कर्मियों में नाराजगी, दो महीने से वेतन बकाया
कर्मियों ने बताया कि उन्हें पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है। धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि नई ट्रांसपोर्ट कंपनी के आने के बाद भुगतान रुका हुआ है। इससे कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ गया है और उन्होंने काम रोक दिया है। कर्मियों का आरोप है कि एमजीएम और जय अंबे ट्रांसपोर्ट कंपनी वेतन भुगतान की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रही हैं। अधिकारी अलग-अलग आते हैं और हर बार दूसरे पक्ष पर दोष डालकर चले जाते हैं। कर्मी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पहले शर्मा ट्रांसपोर्ट के समय भी दो महीने का वेतन नहीं मिला था। उस दौरान कंपनी काम छोड़कर चली गई थी, लेकिन कर्मचारियों का भुगतान नहीं हुआ।
साफ चेतावनी: वेतन मिले बिना काम नहीं
कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक बकाया वेतन नहीं मिलेगा, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। इस हड़ताल के कारण कोयले की ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई है। हड़ताल की सूचना ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
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