Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा :जिले में आदिम जनजाति समुदाय (PVTG) के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। 30 अप्रैल तक विशेष एनटाइटलमेंट सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके जरिए जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
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6171 लोग सर्वे के दायरे में
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत 74 गांवों के 76 टोलों में रहने वाले कुल 1586 परिवारों के 6171 लोगों को शामिल किया गया है। इसके लिए प्रखंड स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर विस्तृत जानकारी जुटा रही हैं।
क्या-क्या जानकारी जुटाई जा रही
सर्वे के दौरान परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का व्यापक आकलन किया जा रहा है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, आय के स्रोत, आवास की स्थिति, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कौन से परिवार अब तक सरकारी योजनाओं से वंचित रह गए हैं।
पात्र परिवारों को मिलेगा योजनाओं का लाभ
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे योग्य परिवारों की पहचान करना है, जो अब तक किसी कारण से योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सर्वे के आधार पर इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, पेंशन योजना और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। आईटीडीए (ITDA) कार्यालय ने सभी संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया है कि सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से किया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंच सके।
प्रखंडवार जनसंख्या का विवरण
जामताड़ा प्रखंड में 7 गांवों की आबादी 766 है, जबकि कुंडहित प्रखंड में 23 गांवों में 1567 लोग रहते हैं। नाला प्रखंड में 9 गांवों में 620, नारायणपुर (नैनपुर) क्षेत्र में 9 गांवों में 800, फतेहपुर प्रखंड में 22 गांवों में 1943 और कर्माटांड़ प्रखंड में 4 गांवों में 475 लोग इस सर्वे अभियान का हिस्सा हैं।
बदलाव की ओर बड़ा कदम
यह अभियान आदिम जनजाति समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस सर्वे के बाद योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
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