Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़: झारखंड के जामताड़ा में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए सिटी हॉस्पिटल और मंगलम नेत्रालय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीसी की जांच में खुली गड़बड़ी
मामला तब सामने आया जब उपायुक्त रवि आनंद के नेतृत्व में 24 मार्च को दोनों अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच में आयुष्मान भारत योजना और जिला अंधापन नियंत्रण समिति के फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू के आवेदन पर जामताड़ा थाना में कांड संख्या 38/2026 दर्ज की गई है। दोनों अस्पतालों के एमडी और प्रबंधन पर लाखों रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है।
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जांच टीम ने उजागर किया खेल
एसडीओ अनंत कुमार की अध्यक्षता में गठित टीम ने विस्तृत जांच की। रिपोर्ट के आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। जांच में पाया गया कि सिटी हॉस्पिटल ने जून से अगस्त 2025 के बीच 1,098 ऑपरेशन का दावा कर करीब 21.96 लाख रुपये का क्लेम किया। जबकि वास्तविक रिकॉर्ड में पूरे साल में केवल 628 ऑपरेशन दर्ज मिले। इससे करीब 6 लाख रुपये के फर्जी क्लेम की पुष्टि हुई। वहीं मंगलम नेत्रालय द्वारा भी करीब 2.70 लाख रुपये के संदिग्ध क्लेम का मामला सामने आया है। जांच के दौरान मरीजों के दिए गए मोबाइल नंबर भी अधिकतर फर्जी या गलत पाए गए।
अस्पतालों में अनियमितताएं
औचक निरीक्षण में सिटी हॉस्पिटल में डॉक्टर अनुपस्थित मिले और मेडिकल दुकान का लाइसेंस भी अवैध पाया गया। वहीं मंगलम नेत्रालय में कोई मरीज मौजूद नहीं था, जबकि मधुपुर सिटी हॉस्पिटल बंद मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।