Samachar Post रिपोर्टर,धनबाद :झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन एक बार फिर मौत का कारण बन गया। बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह टंडाबारी बस्ती में मंगलवार शाम अचानक जमीन धंसने से तीन घर मलबे में तब्दील हो गए। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घंटों तक अभियान चलाया गया। मंगलवार-बुधवार की रात करीब 2 बजे मलबे से तीन शव निकाले गए। मृतकों की पहचान सरिता देवी (35 वर्ष), गीता कुमारी (17 वर्ष), मोनू उरांव (70 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
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अवैध खनन से धंसी जमीन
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध कोयला उत्खनन हो रहा था। इसी कारण जमीन कमजोर हो गई और अचानक धंस गई। 3 घर पूरी तरह तबाह, आसपास के कई घरों में दरारें आगई। लोग डर के साए में जीने को मजबूर
हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव किया और NH-32 को जाम कर दिया। उनका आरोप है कि प्रशासन को अवैध खनन की जानकारी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विधायक ने उठाए सवाल, देरी से पहुंची रेस्क्यू टीम
मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक शत्रुघ्न महतो ने राज्य सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था। यह क्षेत्र भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अंतर्गत आता है। आरोप है कि हादसे के करीब 4 घंटे बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई।
दहशत में लोग, पुनर्वास की मांग
हादसे के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। जिन घरों में दरारें आई हैं, वहां के लोग रातभर जागकर किसी अनहोनी की आशंका में रहे। अब स्थानीय लोग अवैध खनन पर रोक और सुरक्षित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। धनबाद में अवैध खनन कोई नई समस्या नहीं है। पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार चेतावनी के बावजूद इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।
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