- 70वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा के इंटरव्यू से लागू नई व्यवस्था, पारदर्शिता और प्रोफेशनल मूल्यांकन पर जोर
Samachar Post रिपोर्टर, पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब हर इंटरव्यू बोर्ड में कम-से-कम एक वरिष्ठ IAS या IPS अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी। आयोग का मानना है कि इससे अभ्यर्थियों का अधिक व्यावहारिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से मूल्यांकन किया जा सकेगा।
इंटरव्यू पैनल में शामिल होंगे वरिष्ठ अधिकारी
पहले इंटरव्यू पैनल में मुख्य रूप से शिक्षाविद और विषय विशेषज्ञ शामिल होते थे। नई व्यवस्था के तहत अब फील्ड में तैनात वरिष्ठ IAS या IPS अधिकारी भी बोर्ड का हिस्सा होंगे। ये अधिकारी अभ्यर्थियों की अकादमिक योग्यता के साथ-साथ निर्णय क्षमता, प्रशासनिक समझ और मानसिक मजबूती का भी आकलन करेंगे।
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70वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा से लागू
यह नया सिस्टम मौजूदा 70वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा के इंटरव्यू से ही लागू कर दिया गया है। इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों की बॉडी लैंग्वेज, स्ट्रेस मैनेजमेंट और एथिकल वैल्यूज का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
2023–2026 के बीच कई बड़े बदलाव
BPSC ने पिछले कुछ वर्षों में चयन प्रक्रिया में कई अहम सुधार किए हैं, जिनमें इंटीग्रेटेड प्रीलिम्स की शुरुआत नेगेटिव मार्किंग लागू, मुख्य परीक्षा में 300 अंकों का निबंध जोड़ा गया, वैकल्पिक विषय को क्वालिफाइंग किया गया अब अंतिम मेरिट में सामान्य अध्ययन (GS) और निबंध को मुख्य आधार बनाया गया है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
आयोग का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित बनाना है। वरिष्ठ अधिकारियों को इंटरव्यू पैनल में शामिल करने से पक्षपात और बाहरी हस्तक्षेप की संभावना कम होगी, जिससे ग्रामीण और प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को भी बेहतर अवसर मिल सकेगा।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।