Samachar Post रिपोर्टर,पटना :बिहार में अंचलाधिकारी (CO), राजस्व पदाधिकारी और कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर लगातार गहराता जा रहा है। हड़ताल के चलते राज्य के कई जिलों में अंचल कार्यालयों का कामकाज लगभग ठप पड़ गया है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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डिप्टी सीएम की चेतावनी बेअसर
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कर्मचारियों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन इसका कोई असर आंदोलनकारी कर्मियों पर नहीं पड़ा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े हुए हैं। हड़ताल के कारण दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी जैसे जरूरी राजस्व कार्य पूरी तरह बाधित हो गए हैं। इससे जमीन से जुड़े काम, खरीद-बिक्री और अन्य प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
वैकल्पिक व्यवस्था भी फेल
सरकार ने कामकाज सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की थी, लेकिन वह भी जमीन पर कारगर साबित नहीं हो रही है। जिलाधिकारी द्वारा 31 मार्च को जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को अंचलाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, लेकिन अधिकांश अधिकारियों ने कार्यभार संभालने से इनकार कर दिया।
अधिकारी भी हड़ताल के समर्थन में
कई अधिकारी खुद भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। लखीसराय और हलसी अंचल में नियुक्त अधिकारियों ने प्रभार लेने से मना कर दिया, जिसके कारण वहां बीडीओ को ही अंचलाधिकारी का काम संभालना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ अधिकारी अब भी कामकाज संभाल रहे हैं। पिपरिया और सूर्यगढ़ा अंचल में राजस्व अधिकारी जैनुल आबेदीन ने काम शुरू किया है, जबकि बड़हिया में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी जितेंद्र कुमार चौधरी कार्य देख रहे हैं।
समाधान की उम्मीद
लगातार जारी इस हड़ताल से प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है और जल्द समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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