Samachar Post डेस्क, रांची :तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने साफ बयान दिया है कि इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव भय, हिंसा, धमकी, प्रलोभन, छापा, बूथ कैप्चरिंग और सोर्स-जैमिंग से मुक्त होंगे। आयोग ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर यह जानकारी साझा की। यह बयान विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के संदर्भ में टीएमसी द्वारा उठाए गए नाम काटने के आरोपों के जवाब में आया है।
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टीएमसी के आरोप और सुप्रीम कोर्ट का रुख
बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और सत्ताधारी टीएमसी के बीच माना जा रहा है। टीएमसी प्रमुख मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने विशेष मतदाता पुनरीक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और इस मामले की पैरवी खुद की। दिल्ली में भी इस मुद्दे पर दो दिन तक गतिरोध की स्थिति रही।
चुनाव आयोग का ट्वीट और राजनीतिक बवाल
चुनाव आयोग के ट्वीट को आक्रामक और सीधे कटाक्ष वाले अंदाज में देखा जा रहा है। आयोग ने पार्टी का नाम लिए बिना ही आरोपों का जवाब देते हुए साफ किया कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण होंगे। इस ट्वीट के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई और टीएमसी ने इसकी तीखी प्रतिक्रिया दी। ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया के खिलाफ रैलियां भी निकालीं और आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर चुनाव आयोग ने राज्य में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया।
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