Samachar Post डेस्क, रांची :असम विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिल्पी नेहा तिर्की कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में डिब्रूगढ़ पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर बात रखी। उन्होंने दावा किया कि इस बार असम की जनता बदलाव के मूड में है और सत्ता परिवर्तन तय है।
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चाय बागान श्रमिकों में गहरी नाराजगी
नेहा तिर्की ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में उन्होंने कई जिलों और चाय बागान क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा असंतोष चाय बागान श्रमिकों के बीच देखने को मिला। उनके अनुसार, श्रमिक अब एक पारदर्शी और जवाबदेह सरकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब कांग्रेस को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है। उनके मुताबिक गौरव गोगोई के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार बनने की संभावना बढ़ गई है।
BJP सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप
नेहा तिर्की ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में किए गए वादे जमीनी स्तर पर पूरे नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को विकास के बजाय निराशा और शोषण का सामना करना पड़ा है।
चाय बागानों की जमीन पर उठे सवाल
उन्होंने 2022 में हुए कानून संशोधन का जिक्र करते हुए कहा कि चाय बागानों की 10 प्रतिशत जमीन को व्यावसायिक उपयोग के लिए खोल दिया गया। इससे कई जगहों पर होटल और रिसॉर्ट बनने लगे हैं, जिससे श्रमिकों के विस्थापन और बेरोजगारी की समस्या बढ़ रही है।
जमीन, रोजगार और विस्थापन का मुद्दा
नेहा तिर्की ने काजीरंगा और कार्बी आंगलोंग के बीच स्थित हातीखुली टी एस्टेट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी स्थानीय लोग प्रभावित हुए हैं और विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी जमीन उद्योगों को सौंपे जाने से रोजगार और आजीविका पर संकट गहराया है।
चुनाव से पहले आर्थिक प्रलोभन का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले योजनाओं के जरिए लोगों के खातों में पैसे डालकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में श्रमिकों को दी गई राशि को लेकर यह आशंका है कि इसे उनके भविष्य निधि (PF) से समायोजित किया जा सकता है।
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