- 13 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध की तैयारी, उम्र सीमा 16 साल तक बढ़ाने पर भी विचार
Samachar Post डेस्क, रांची :बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर देश में अब सख्ती बढ़ती दिख रही है। कर्नाटक के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार भी कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य सरकार अगले 90 दिनों के भीतर 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। सरकार इस उम्र सीमा को बढ़ाकर 16 साल तक करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। अगर यह नियम लागू होता है तो आन्ध्र प्रदेश के बाद ऐसा कदम उठाने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। सरकार का कहना है कि बढ़ते स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया के प्रभाव से बच्चों के मानसिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ रहा है, इसलिए यह फैसला जरूरी हो गया है।
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कर्नाटक ने पहले ही किया ऐलान
इससे पहले सिद्दारमैया की सरकार ने राज्य के बजट में घोषणा की थी कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास को सुरक्षित रखना बताया गया है। सरकार का मानना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
दुनिया में भी बढ़ रही है सख्ती
बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज हो रही है। 2025 में ऑस्ट्रेलिया ऐसा कानून लागू करने वाला दुनिया का पहला देश बना, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया। इसके बाद फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क, स्पेन, नॉर्वे और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में भी ऐसे नियमों पर चर्चा चल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के एल्गोरिदम, हिंसक कंटेंट और बढ़ते स्क्रीन टाइम का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
कर्नाटक बजट में कई बड़े ऐलान, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर भी जोर
कर्नाटक सरकार ने अपने बजट में टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा जोर दिया है। लगभग 4.48 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए सरकार ने बेंगलुरु को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है। बेंगलुरु में ट्रैफिक समस्या कम करने के लिए नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर बनाने की योजना है। लगभग 40 किलोमीटर लंबी परियोजनाओं पर 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा हेब्बल जंक्शन से मेखरी सर्कल तक टनल रोड बनाने की योजना भी पेश की गई है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 2,250 करोड़ रुपये बताई गई है।
Reporter | Samachar Post