Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची के रातू थाना क्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार सुबह चितरकोटा नदी किनारे एक और व्यक्ति का शव बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका हाथी के हमले की जताई जा रही है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही रातू थाना क्षेत्र के चितरकोटा बड़का टोली पतरा में 45 वर्षीय सुबोध खलखो की हाथी के हमले में मौत हो गई थी। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है।
भीड़ और हाथी आमने-सामने
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गांव के पास हाथी दिखाई देने की खबर फैलते ही लोग उसे देखने के लिए जुट गए। उसी दौरान मटर के खेत में काम कर रहे सुबोध खलखो हाथी के बेहद करीब पहुंच गए। ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। तभी हाथी ने हमला कर उन्हें कुचल दिया। हमले में रोशन खलखो गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका एक पैर टूट गया है और उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। वहीं, लहना गांव की 40 वर्षीय पेरिया उराइन भी घायल हुई हैं। उन्हें मोदी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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क्यों बढ़ रहे हैं हाथियों के हमले?
वन विभाग और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, जंगलों में बड़े जलाशयों की कमी और छोटे जलस्रोतों में पानी घटने के कारण हाथी भोजन और पानी की तलाश में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर भीड़ न जुटाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
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