Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा : जिले के रमकंडा प्रखंड में रामनवमी (अष्टमी) के अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान गुरुवार देर शाम माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। कौआखोह शिव चबूतरा के पास जुलूस को रोके जाने के बाद विवाद बढ़ा और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।
जुलूस पर पथराव, कई लोग घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तय मार्ग पर आगे बढ़ रहे जुलूस पर अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए भेजा गया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आंसू गैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर किया। तनाव बढ़ने के बाद जुलूस को वापस लौटाना पड़ा।
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इलाके में तनाव, पुलिस की तैनाती
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। रंका इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम मिश्रा ने माइक से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, एक दिन पहले बुधवार को भी महावीरी झंडा ले जाने को लेकर विवाद हुआ था। उस समय विरोध में करीब छह घंटे तक रमकंडा-मेदिनीनगर सड़क जाम कर दी गई थी। लगातार दूसरे दिन हुई घटना से तनाव और बढ़ गया है।
पत्रकारों पर लाठीचार्ज का आरोप
घटनास्थल पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन पर भी लाठीचार्ज किया। पत्रकारों का कहना है कि खुद को मीडिया कर्मी बताने के बावजूद उनके साथ मारपीट की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ी है। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। फिलहाल प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।