- मंत्री बोलें- झारखंड में लगेगी दवा निर्माण उद्योग, 7300 पदों पर जल्द बहाली, युवाओं को मिलेगा रोजगार
Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड में फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग को जोड़ने के उद्देश्य से ‘फार्मा अन्वेषण झारखंड 2026’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि राज्य में जल्द ही दवा निर्माण उद्योग स्थापित किया जाएगा, जिससे झारखंड दवा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
दवा निर्माण से रोजगार और आत्मनिर्भरता
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि झारखंड में आज तक कोई बड़ा दवा निर्माण उद्योग स्थापित नहीं हो पाया है, जिसके कारण पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवाएं और अन्य चिकित्सा सामग्री राज्य में तैयार नहीं होतीं। नई पहल से यह स्थिति बदल जाएगी और राज्य में ही दवाओं का उत्पादन संभव होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 7300 से अधिक एएनएम और जीएनएम पदों पर बहाली भी जल्द शुरू की जाएगी।
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फार्मेसी शिक्षा और छात्र अवसर
राज्य में वर्तमान में 123 से अधिक फार्मेसी कॉलेज संचालित हैं, जहां हर साल लगभग 7000 छात्र-छात्राएं डिग्री पूरी कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि दवा उद्योग स्थापित होने से ये युवा अपने राज्य में ही रोजगार पा सकेंगे।
शिक्षा और अनुसंधान का सहयोग
कार्यक्रम में फार्मेसी काउंसिल के कार्यकारी सदस्य और क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. धर्मेंद्र सिंह, स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार पांडेय समेत अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि फार्मेसी शिक्षा को उद्योग और अनुसंधान से जोड़ना समय की जरूरत है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के प्रति प्रेरित करते हैं।
विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं और नवाचार मंच
कार्यक्रम में छात्रों के लिए विचार प्रस्तुति, शोध पत्र, पेटेंट प्रस्तुति, कार्यशील और अवधारणा मॉडल प्रदर्शनी, पोस्टर प्रस्तुति जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों की जूरी ने उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
शिक्षा और शोध को मिलेगी नई दिशा
आरकेडीएफ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अनुसंधान और नवाचार की दिशा में प्रेरित करते हैं और शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और शोध संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत बनाते हैं। कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पांडेय ने कहा कि इससे छात्रों को अपने शोध और विचार विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिससे उनके ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।