Samachar Post रिपोर्टर, पटना : देश में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर LPG सप्लाई चेन पर पड़ता दिख रहा है। इसका असर बिहार में भी साफ नजर आ रहा है, जहां कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
पटना में 500 मीटर लंबी लाइन, सर्वर डाउन से बढ़ी परेशानी
राजधानी पटना में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। यहां HP गैस गोदाम के बाहर करीब 500 मीटर लंबी लाइन लग गई। लोग सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए खड़े हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी का सर्वर डाउन होने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि वे पिछले दो दिनों से सिलेंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही।
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दरभंगा में सुबह 6 बजे से लग रही लाइन
दरभंगा में भी गैस संकट का असर साफ दिख रहा है। यहां लोग सुबह 6 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लग जा रहे हैं। सिलेंडर की कमी के कारण एजेंसी खुलने से पहले ही बड़ी भीड़ जुट जाती है। कई जगहों पर धक्का-मुक्की और मारामारी जैसी स्थिति भी बन रही है।
जमुई में महिलाओं को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी
जमुई में गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी खड़ी नजर आ रही हैं। कतार में लगी महिलाओं का कहना है कि गैस नहीं मिलने से घर में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। महिलाओं के मुताबिक, 8-8 घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
मोतिहारी में सिलेंडर को लेकर झगड़ा
मोतिहारी में गैस सिलेंडर को लेकर दो लोगों के बीच विवाद हो गया। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। बाद में स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
लकड़ी और कोयले की कीमतों में उछाल
गैस की कमी का असर अब बाजार पर भी दिखने लगा है। LPG नहीं मिलने की वजह से लोग लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। इसके कारण इनकी मांग अचानक बढ़ गई है और कई जगहों पर इनकी कीमतें तीन गुना तक बढ़ गई हैं।
इंडक्शन चूल्हे की मांग 5 गुना तक बढ़ी
गैस संकट के बीच लोग तेजी से इंडक्शन चूल्हे की ओर रुख कर रहे हैं। पटना के दीघा इलाके के रहने वाले भारत भूषण ने बताया कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने की वजह से रोजमर्रा का खाना बनाना मुश्किल हो गया है, इसलिए मजबूरी में उन्हें इंडक्शन चूल्हा खरीदना पड़ा। दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हे की मांग करीब 5 गुना तक बढ़ गई है और कई दुकानों में स्टॉक भी खत्म होने लगा है।
शादी-ब्याह के कार्यक्रम भी प्रभावित
गैस की कमी का असर अब शादी-ब्याह के कार्यक्रमों पर भी पड़ने लगा है। कई जगहों पर कैटरिंग करने वाले लोग गर्म रसगुल्ले और चाउमीन जैसे स्टॉल हटाने लगे हैं, क्योंकि गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही।
रोजाना 75 लाख बुकिंग, डिलीवरी सिर्फ 50 लाख
सूत्रों के मुताबिक देश में रोजाना करीब 75 लाख LPG सिलेंडर की बुकिंग हो रही है, जबकि सप्लाई और डिलीवरी सिर्फ 50 लाख सिलेंडर तक ही पहुंच पा रही है। यही वजह है कि कई राज्यों में गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे और गैस की सप्लाई फिर से सुचारू हो जाएगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।