Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : सरिया थाना क्षेत्र के परसिया पंचायत अंतर्गत बगड़ो गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई। महुआ बीनने जंगल गए 65 वर्षीय जागेश्वर ठाकुर पर जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल फैल गया।
जंगल में अचानक हमला
जानकारी के अनुसार, जागेश्वर ठाकुर रोज की तरह महुआ बीनने जंगल गए थे। इसी दौरान झुंड से बिछड़ा एक हाथी उन पर अचानक टूट पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि हमला इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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गांव में अफरा-तफरी
घटना की खबर जैसे ही गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने लोगों से जंगल में जाने से बचने की चेतावनी दी।
वन विभाग की चेतावनी
वन परिसर पदाधिकारी अंशु पांडे ने बताया कि यह हाथी झुंड से बिछड़ गया है और अभी भी जंगल क्षेत्र में ही मौजूद है। उसे वहां से खदेड़ने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि फिलहाल कोई भी व्यक्ति जंगल की ओर न जाए और पूरी सावधानी बरते।
प्रशासन ने घोषित किया मुआवजा
प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसमें 50 हजार रुपये तत्काल सहायता के रूप में दिए गए हैं, जबकि बाकी राशि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी।
हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा
सरिया प्रखंड में हाथियों के हमलों की यह कोई नई घटना नहीं है। पिछले 10 वर्षों में इलाके में हाथियों के हमलों में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। कई गांवों में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों में डर बना हुआ है।
ग्रामीणों की मांग और वन विभाग की कार्रवाई
घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। वन विभाग ने कहा कि हाथियों को इलाके से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, जंगल की ओर न जाएं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।