Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में घंटी आधारित कार्यगत शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर जोरदार चर्चा हुई। इस मुद्दे पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू ने विधानसभा में स्पष्ट कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार की ओर से कोई तकनीकी या प्रक्रियात्मक गलती नहीं की गई है। मंत्री सुदिव्य सोनू ने यह जवाब विधायक प्रदीप यादव के सवाल पर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि खुली प्रतिस्पर्धा के माध्यम से योग्य और बेहतर शिक्षक चयनित हों। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को लगता है कि उसके साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्यायालय जाने का अधिकार है।
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नीड बेस्ड लेक्चररों को कम प्राथमिकता देने का आरोप
विधायक प्रदीप यादव ने सदन में कहा कि सरकार द्वारा नीड बेस्ड लेक्चररों को अंक आधारित प्राथमिकता बहुत कम दी गई है। इसके कारण कई योग्य शिक्षक आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही सरकार इसे स्वीकार नहीं कर रही हो, लेकिन यदि इस मामले में उच्च न्यायालय का आदेश आता है तो नियम लागू करना पड़ेगा।
बिहार-हरियाणा का उदाहरण देने पर मंत्री का जवाब
प्रदीप यादव द्वारा बिहार और हरियाणा में हुई शिक्षक नियुक्तियों का उदाहरण दिए जाने पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि जरूरी नहीं है कि वहां के नियम झारखंड में भी लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर हर राज्य के नियम एक जैसे होते, तो झारखंड को बिहार से अलग राज्य बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
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