Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण से जुड़े मामले में राज्य के वन विभाग पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने समय पर जवाब दाखिल नहीं करने पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) और संबंधित अधिकारियों को तलब किया है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि PCCF ने अदालत के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया।
कनीय अधिकारी के जवाब को किया खारिज
अदालत ने PCCF की जगह किसी जूनियर अधिकारी द्वारा दाखिल जवाब को अस्वीकार कर दिया। कोर्ट का कहना था कि जिन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी, उस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने PCCF और संबंधित वन अधिकारी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने PCCF को निर्देश दिया है कि वे आज ही शपथपत्र के साथ विस्तृत जवाब दाखिल करें।
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क्या है मामला
यह मामला पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण से जुड़ी जनहित याचिका से संबंधित है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एमिकस क्यूरी के सुझावों पर सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन तय समय में जवाब नहीं दिया गया। अदालत के इस रुख से साफ है कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण जैसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाली सुनवाई में मामले में और कड़े निर्देश दिए जा सकते हैं।
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