Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड के सरकारी विभागों में कर्मियों की भारी कमी सामने आई है। वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हजारों पद खाली पड़े हैं, जिससे सरकारी कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) के मुताबिक, राज्य में कुल 3,51,968 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से केवल 1,87,610 पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है। यानी करीब 73,236 पद (लगभग 47%) अभी भी खाली हैं।
इन विभागों में सबसे ज्यादा कमी
- कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग: 75.55% पद खाली
- अनुसूचित जनजाति/जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग: 62.80% पद खाली
- स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग: 47.34% पद खाली
- पेयजल एवं स्वच्छता विभाग: 44.69% पद खाली
- गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग: 29.75% पद खाली
- प्रमुख विभागों की स्थिति (आंकड़ों में)
- स्कूली शिक्षा विभाग: 1,10,159 स्वीकृत पद, 58,017 कार्यरत
- गृह, कारा एवं आपदा विभाग: 1,04,449 स्वीकृत पद, 73,375 कार्यरत
- कृषि विभाग: 13,451 स्वीकृत पद, 3,288 कार्यरत
- पेयजल विभाग: 3,059 स्वीकृत पद, 1,692 कार्यरत
- कल्याण विभाग: 4,900 स्वीकृत पद, 1,823 कार्यरत
सेवाओं पर पड़ रहा असर
इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से शिक्षा, कृषि, पेयजल और प्रशासनिक सेवाओं पर असर पड़ रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को समय पर सरकारी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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भर्ती की बढ़ती मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में जल्द बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है, ताकि विभागों में कार्य क्षमता बढ़ाई जा सके और आम लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
सरकार के प्रमुख विभागों में खाली पदों की स्थिति
| विभाग | स्वीकृत पद | कार्यरत कर्मचारी | रिक्त पद |
|---|---|---|---|
| स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग | 1,10,159 | 58,017 | 52,142 |
| गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग | 1,04,449 | 73,375 | 31,074 |
| कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग | 13,451 | 3,288 | 10,163 |
| पेयजल एवं स्वच्छता विभाग | 3,059 | 1,692 | 1,367 |
| अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग | 4,900 | 1,823 | 3,077 |
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।