Samachar Post रिपोर्टर, रांची : शुक्रवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे कुछ समय तक सदन का माहौल काफी गरम रहा।
विपक्ष ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार
विपक्षी विधायकों ने कहा कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतें केंद्र सरकार की नीतियों का परिणाम हैं। उनका आरोप था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है।
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सत्ता पक्ष का पलटवार
इस पर भाजपा विधायकों ने विपक्ष के आरोपों का कड़ा विरोध किया। बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर महंगाई के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है और देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
विधायकों के बीच तीखी बहस
बहस के दौरान प्रदीप यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए। वहीं सरयू रॉय ने कहा कि राज्य सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
आप विधायक ने भी उठाए सवाल
इस बीच आम आदमी पार्टी की विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, ऐसे में पेट्रोलियम पदार्थों के साथ-साथ यूरिया की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाना उचित नहीं है।
सदन में देर तक चला आरोप-प्रत्यारोप
पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों को लेकर सदन में काफी देर तक बहस और हंगामा चलता रहा। सभी दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। एक बार फिर महंगाई का मुद्दा झारखंड विधानसभा में सियासी बहस का बड़ा विषय बन गया।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।