Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा :जामताड़ा जिले के जामताड़ा सदर अस्पताल में एलपीजी गैस की किल्लत के कारण मरीजों के भोजन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अस्पताल का मेस अब चूल्हे बुझने की कगार पर पहुंच गया है, जिससे रोजाना भर्ती मरीजों के खाने की व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब रसोई गैस (LPG) की कमी के रूप में देखने को मिल रहा है।
रोजाना 150 मरीजों के लिए बनता है खाना
अस्पताल के मेस में प्रतिदिन करीब 150 मरीजों के लिए तीनों समय का भोजन तैयार किया जाता है। फिलहाल स्थिति यह है कि मेस में इस्तेमाल होने वाले तीन गैस सिलेंडरों में से दो खाली हो चुके हैं, जबकि केवल एक सिलेंडर ही बचा है। अगर जल्द गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो अस्पताल में भर्ती मरीजों को समय पर भोजन मिलना मुश्किल हो सकता है।
यह भी पढ़ें :रसोई गैस संकट के बीच राहत: झारखंड में शुरू हुई ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन
एजेंसियों से संपर्क की कोशिश, स्कूलों में भी मिड-डे मील प्रभावित
अस्पताल प्रबंधन और भोजनालय मैनेजमेंट के अनुसार गैस की कमी को लेकर संबंधित एजेंसियों को कई बार सूचना दी गई है। शनिवार सुबह भी एजेंसी संचालकों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके मोबाइल फोन बंद मिले। गैस की कमी का असर सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं है। जिले के कई स्कूलों में भी मिड-डे मील योजना के तहत खाना बनाने में परेशानी हो रही है। जहां पहले महीने में 4 से 6 सिलेंडर की खपत होती थी, वहां अब कम आपूर्ति के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
‘नो-स्मोक जोन’ होने से बढ़ी परेशानी
जामताड़ा सदर अस्पताल को स्मोक-फ्री जोन घोषित किया गया है, इसलिए यहां लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हालांकि अगर जल्द गैस की आपूर्ति नहीं हुई तो मजबूरी में नियमों को दरकिनार कर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है, ताकि मरीजों को भूखा न रहना पड़े।
Reporter | Samachar Post