Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : झारखंड के जामताड़ा का बस स्टैंड संथाल परगना क्षेत्र का प्रमुख परिवहन केंद्र माना जाता है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी देखने को मिल रही है। खासकर पेयजल की समस्या के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित इस बस स्टैंड से हर दिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। जिले के लगभग सभी गांवों और पंचायतों को जोड़ने वाला यह बस स्टैंड अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के काफिले का भी प्रमुख मार्ग है, बावजूद इसके यात्रियों की समस्याओं पर अब तक ठोस पहल नहीं हो पाई है।
अमृत धारा टंकी वर्षों से बंद
यात्रियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बस स्टैंड परिसर में लाखों रुपये की लागत से ‘अमृत धारा’ वाटर टंकी स्थापित की गई थी, ताकि खासकर गर्मी के दिनों में लोगों को ठंडा पानी मिल सके। लेकिन यह टंकी पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी है और इससे पानी नहीं निकल रहा है। स्थिति यह है कि आसपास के कुछ दुकानदारों ने इस टंकी के आसपास की जगह को सामान रखने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
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चापाकल भी खराब
बस स्टैंड परिसर में लगा चापाकल भी लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है। ऐसे में यात्रियों के पास पीने के पानी का कोई स्थायी इंतजाम नहीं बचा है।
रोजाना 60–70 बसों का संचालन
बताया जाता है कि यह बस स्टैंड रेलवे की जमीन पर संचालित होता है। यहां से प्रतिदिन करीब 60 से 70 बसें संथाल परगना के विभिन्न जिलों के साथ-साथ बिहार के कई शहरों के लिए रवाना होती हैं। हजारों यात्रियों की आवाजाही के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि, बंद पड़ी अमृत धारा वाटर टंकी की जल्द मरम्मत कर उसे चालू किया जाए। खराब पड़े चापाकल को ठीक कराया जाए ताकि यात्रियों को पीने का पानी मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इन सुविधाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले गर्मी के दिनों में यात्रियों को पानी के लिए निजी दुकानों पर निर्भर रहना पड़ेगा या फिर प्यासा ही रहना पड़ सकता है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।