Samachar Post रिपोर्टर, गुमला : गुमला जिले के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल अब धरातल पर नजर आने लगी है। विशेष रूप से गुमला सदर अस्पताल में किए गए सुधार कार्यों से मरीजों और उनके परिजनों में भरोसा बढ़ा है। पहले जहां छोटी-छोटी जांच और इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब अधिकतर सुविधाएं सदर अस्पताल में ही उपलब्ध हो रही हैं। इससे खासकर गरीब और ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
उपायुक्त के निर्देश पर बेहतर हुई व्यवस्थाएं
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन में अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, मरीजों की सुविधाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता और जांच सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। इसके परिणामस्वरूप अब अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल रहा है।
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डॉक्टरों की उपलब्धता और ओपीडी व्यवस्था में सुधार
सदर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती को व्यवस्थित किया गया है। पहले जहां मरीजों को डॉक्टरों के इंतजार में लंबा समय बिताना पड़ता था, वहीं अब विभिन्न विभागों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। ओपीडी में बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय प्रबंधन और मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे कम समय में बेहतर इलाज संभव हो पा रहा है।
जांच सुविधाओं में हुआ विस्तार
अस्पताल में अब ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी कई जरूरी जांचें नियमित रूप से की जा रही हैं। पहले इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब या दूसरे शहरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। अब अधिकांश जांचें अस्पताल में ही उपलब्ध होने से मरीजों को काफी राहत मिली है।
नि:शुल्क दवाओं से मरीजों को राहत
दवाओं की उपलब्धता भी अस्पताल की बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आई है। अस्पताल के दवा काउंटर से मरीजों को आवश्यक दवाएं नि:शुल्क दी जा रही हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक राहत मिल रही है। कई मरीजों ने बताया कि पहले उन्हें बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती थीं, लेकिन अब अस्पताल से ही दवाएं मिल जाने से खर्च कम हो गया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सराहा प्रयास
सामाजिक कार्यकर्ता रानी कुमारी सिंह का कहना है कि कुछ समय पहले तक सदर अस्पताल की स्थिति संतोषजनक नहीं थी और खासकर गरीब लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा पिछले कुछ समय में अस्पताल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने से माहौल काफी बेहतर हुआ है।
नियमित निरीक्षण से बनी निगरानी
उपायुक्त द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। समय-समय पर अस्पताल का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए जाते हैं ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अस्पताल परिसर में बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. शंभू नाथ चौधरी का कहना है कि जिला प्रशासन की सक्रियता के कारण अस्पताल की व्यवस्थाओं में सकारात्मक बदलाव आया है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
लोगों का बढ़ा भरोसा
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए ये सुधार काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। अब उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिलने से लोगों का समय और पैसा दोनों बच रहा है। कुल मिलाकर उपायुक्त की पहल और प्रशासनिक सक्रियता के कारण गुमला सदर अस्पताल अब जिले के लोगों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रहा है। 24 घंटे उपलब्ध सेवाएं, जांच सुविधाएं और नि:शुल्क दवाओं की व्यवस्था ने इसे आम जनता के लिए काफी उपयोगी बना दिया है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।