Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा : गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बजट सत्र के अंतिम दिन उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे को सदन में रखा।
जंगल क्षेत्र में बसावट का किया विरोध
विधायक ने बलीगढ़, बिरापुर और विश्रामपुर समेत कई गांवों के बीच स्थित जंगल क्षेत्र में विस्थापितों को बसाने की योजना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान होगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका भी प्रभावित होगी।
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780 परिवारों के पुनर्वास से 5000 लोगों पर असर
विधायक के अनुसार, प्रस्तावित योजना के तहत करीब 780 विस्थापित परिवारों को बसाया जाना है, जिससे लगभग 5000 ग्रामीणों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के लोग जंगल पर निर्भर हैं और महुआ, तेंदूपत्ता, पत्तल-दोना, लाह और जड़ी-बूटियों से अपनी आजीविका चलाते हैं।
वैकल्पिक स्थान की मांग
विधायक ने सरकार से मांग की कि विस्थापित परिवारों को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर बसाया जाए, ताकि स्थानीय लोगों के रोजगार और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जंगल क्षेत्र में बसावट से जनसंख्या दबाव बढ़ेगा और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है।
सड़क और पुल निर्माण की भी उठाई मांग
इसके अलावा, विधायक ने गैर-सरकारी संकल्प के माध्यम से सिरोई पंचायत के ढोटी तक करीब 7 किलोमीटर पक्की सड़क और पुलिया निर्माण की मांग भी रखी। इस पर संबंधित मंत्री ने सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है।
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