- अब सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि नेतृत्व और उद्यमिता की राह पर बढ़ रहीं महिलाएं
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में महिलाओं की स्थिति तेजी से बदल रही है। आज की महिला सिर्फ अपने जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज की सोच को भी नई दिशा दे रही है। आत्मविश्वास और अवसरों के साथ वे अब हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।
बराबरी का मंच जरूरी
आज जरूरत सिर्फ महिलाओं को आगे बढ़ाने की नहीं, बल्कि उन्हें बराबरी का अवसर देने की है। फैसले लेने की आजादी और नेतृत्व का मौका मिलने से महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। खासकर हाशिए पर रहने वाली महिलाओं के लिए यह और भी अहम है।
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योजनाओं से मिल रही ताकत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। “अबुआ सरकार मईया सम्मान योजना” जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बना रही है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
लाभार्थी से उद्यमी तक का सफर
राज्य की महिलाएं अब सिर्फ योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यवसायों के जरिए उद्यमी बन रही हैं। इससे उनकी आय बढ़ रही है और वे आत्मनिर्भर भी हो रही हैं। आज झारखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। पहले जहां उन्हें सीमाओं में बांधकर देखा जाता था, अब वे नेतृत्व कर रही हैं और समाज को नई दिशा दे रही हैं।
बदलाव की अगुवाई कर रहीं महिलाएं
एक सशक्त महिला केवल बदलाव का हिस्सा नहीं होती, बल्कि वह बदलाव की दिशा तय करती है। ऐसे में जरूरी है कि समाज और सरकार मिलकर ऐसा माहौल तैयार करें, जहां हर महिला को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले। झारखंड में महिलाओं की यह बदलती तस्वीर एक सकारात्मक संकेत है। अगर इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में राज्य की महिलाएं और भी सशक्त और आत्मनिर्भर बनकर उभरेंगी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।