Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड के रांची जिले में साइबर क्राइम थाना में एक नया मामला दर्ज हुआ। ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर एक व्यक्ति से करीब 10 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने फोन और वीडियो कॉल के जरिए खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताया। पीड़ित को डराया गया कि वह किसी गंभीर मामले में फंस चुका है। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में 10 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
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बिहार से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की। दरभंगा से POS एजेंट को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी ने फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे, जिनका इस्तेमाल ठगों ने किया। पुलिस के अनुसार ठगों का पूरा नेटवर्क फर्जी सिम कार्ड के जरिए संचालित हो रहा था। इसी नेटवर्क के जरिए कॉल और ट्रांजैक्शन किए गए। बाकी गिरोह के सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है कोई सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल से पैसे नहीं मांगती, “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई प्रणाली वास्तविक नहीं है। अगर कोई अधिकारी बनकर दबाव बनाए, तो कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें। और तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। जल्द कार्रवाई के लिए स्थानीय साइबर क्राइम थाने से संपर्क करें। पुलिस लगातार इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश जारी है।
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