Samachar Post रिपोर्टर,रांची :गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में बड़ा न्यायिक मोड़ आया है। झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग की निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उम्रकैद की सजा काट रहे पांच दोषियों को रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले से मामले में नया कानूनी अध्याय जुड़ गया है।
हाईकोर्ट ने स्वीकार की अपील
झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोषियों विकास तिवारी, संतोष पांडे, विशाल कुमार सिंह, राहुल देव पांडे और दिलीप साव की अपील स्वीकार करते हुए उनकी सजा रद्द कर दी। कोर्ट ने तत्काल रिहाई का आदेश जारी किया। दोषियों की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में उनका पक्ष रखा था। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया।
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निचली अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद
यह मामला हजारीबाग सदर कांड संख्या 610/2015 से जुड़ा है। वर्ष 2020 में हजारीबाग सिविल कोर्ट ने पांचों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माने की सजा सुनाई थी। कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से एक को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था।
2015 में हुई थी सनसनीखेज हत्या
2 जून 2015 को गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव और उनके दो साथियों को पेशी के लिए हजारीबाग सिविल कोर्ट लाया गया था। इसी दौरान घात लगाए हमलावरों ने उन पर AK-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में सुशील श्रीवास्तव समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
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