Samachar Post रिपोर्टर, सऊदी अरब : इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमजान 1447 हिजरी सऊदी अरब में शुरू हो गया है। मंगलवार शाम 17 फरवरी 2026 को शाबान माह की 29वीं तारीख के बाद मगरिब की नमाज के बाद चांद नजर आया, जिसके साथ ही रमजान की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। इसके बाद आज बुधवार, 18 फरवरी 2026 से सऊदी अरब में पहला रोजा रखा जा रहा है।
चांद दिखते ही मस्जिदों में बढ़ी रौनक
चांद नजर आने के साथ ही सऊदी अरब की मस्जिदों में तरावीह की नमाज और इबादतों का सिलसिला शुरू हो गया। बाजारों, मस्जिदों और घरों में रमजान की खास रौनक देखने को मिल रही है। लोग इबादत, दुआ और रोजे की तैयारी में जुट गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने की थी चांद देखने की अपील
रमजान से पहले सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने देशवासियों से अपील की थी कि वे शाबान की 29वीं तारीख को चांद देखने की कोशिश करें। चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही रमजान शुरू होने का ऐलान किया गया।
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भारत में कब होगा पहला रोजा?
परंपरा के अनुसार भारत में रमजान का चांद सऊदी अरब से लगभग 24 घंटे बाद नजर आता है। चूंकि 17 फरवरी को अमावस्या थी, इसलिए उस दिन भारत में चांद दिखना संभव नहीं था। ऐसे में भारत में 18 या 19 फरवरी की शाम को चांद दिख सकता है। अगर 18 फरवरी की शाम चांद नजर आता है, तो भारत में पहला रोजा 19 फरवरी 2026 से रखा जाएगा।
अलग-अलग दिन क्यों शुरू होता है रमजान?
इस्लामिक यानी हिजरी कैलेंडर पूरी तरह चांद पर आधारित होता है। हर नए महीने की शुरुआत चांद दिखने से होती है। इसी वजह से अलग-अलग देशों में चांद दिखने के समय के अनुसार रमजान की शुरुआत अलग-अलग दिन होती है और हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से इसकी तारीख बदलती रहती है।
इबादत, सब्र और नेकी का महीना
रमजान को सब्र, इबादत, रहमत और मगफिरत का महीना माना जाता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं, नमाज अदा करते हैं, कुरआन शरीफ की तिलावत करते हैं और ज्यादा से ज्यादा नेक काम करने की कोशिश करते हैं। मान्यता है कि इसी पाक महीने में कुरआन शरीफ नाजिल हुआ था। कुल मिलाकर, सऊदी अरब में रमजान की शुरुआत के साथ ही पूरी इस्लामी दुनिया में इस पाक महीने की बरकतें शुरू हो गई हैं, जबकि भारत समेत अन्य देशों में अब चांद दिखने का इंतजार किया जा रहा है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।