Samachar Post रिपोर्टर,पाकुड़ : रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन की पाकुड़ शाखा ने बुधवार को जागरूकता एवं संकल्प रैली निकाली। रैली यूनियन कार्यालय से शुरू होकर प्लेटफॉर्म नंबर-1 होते हुए पाकुड़ यार्ड तक पहुंची। रैली का नेतृत्व शाखा अध्यक्ष अखिलेश चौबे ने किया।
कर्मचारियों पर बढ़ता दबाव, सुरक्षा पर खतरा
यार्ड में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ने कहा कि पाकुड़ में कर्मचारियों से जुड़े कई वादे पूरे किए जा चुके हैं और शेष कार्यों को मार्च तक पूरा करने की योजना है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग विभागों में भारी स्टाफ की कमी है, जिससे कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर न केवल कार्य-गुणवत्ता पर पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा भी प्रभावित होने की आशंका है। यूनियन ने खाली पदों को जल्द भरने और कार्य पूरा करने के लिए उचित समय देने की मांग की।
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सुपरवाइजरों की सेहत पर भी चिंता
ओझा ने कहा कि ओपन लाइन में कार्यरत अधिकांश सुपरवाइजर 24 घंटे की जिम्मेदारी और लगातार दबाव में रहते हैं। इसके कारण कई कर्मचारी उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। यूनियन ने मांग की कि उन्हें प्रतिदिन कम से कम 6 से 8 घंटे का निर्बाध आराम सुनिश्चित किया जाए।
निजीकरण और नए श्रम कानून का विरोध
कोलकाता से पहुंचे केंद्रीय सहायक सचिव पलाश घोष ने कहा कि नए पद सृजित नहीं किए जा रहे हैं, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है और रेलवे सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने निजीकरण और बाहरी नियुक्तियों का विरोध किया तथा नए श्रम कानूनों को कर्मचारियों के हित में नहीं बताया।
प्रमुख मांगें
रैली में यूनियन ने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें..
- रनिंग स्टाफ के किलोमीटर भत्ते में 25% बढ़ोतरी
- रिस्क अलाउंस की बहाली
- पेंशन योजना में सुधार
- आठवें वेतन आयोग का गठन
- पॉइंट्समैन के लिए चार-स्तरीय वेतन संरचना
कार्यक्रम के अंत में शाखा अध्यक्ष अखिलेश चौबे ने कर्मचारियों का आभार जताया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट और गंभीर हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।