Samachar Post डेस्क, बिहार :5 साल की मासूम खुशी के अपहरण को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन बच्ची का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इस बीच उसके पिता राजन साह ने जांच एजेंसी के अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि केस वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि केस नहीं हटाने पर उन्हें और उनके परिजनों को फंसाने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में राजन साह ने पत्र लिखकर जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
केस वापस लेने का कथित दबाव
राजन साह का कहना है कि वर्तमान जांच अधिकारी उनसे हाईकोर्ट में लंबित याचिका और अवमानना वाद वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि ऐसा नहीं करने पर अपहरण मामले में गलत जांच कर परिवार के खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल करने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल ही में सुनवाई के बाद उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए कथित तौर पर अपमानित किया गया और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया गया। परिवार का कहना है कि नए जांच अधिकारी के आने के बाद से मानसिक दबाव बढ़ गया है।
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2021 में पूजा पंडाल से हुआ था अपहरण
मामला 16 फरवरी 2021 का है, जब ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पमरिया टोला स्थित पूजा पंडाल से 5 वर्षीय खुशी का अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन पिता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में अदालत के आदेश पर दिसंबर 2022 में मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई।
चार साल बाद भी सुराग नहीं
परिवार का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और अधिकारी के व्यवहार की जांच की मांग की है। राजन साह का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी बेटी को ढूंढना है, लेकिन अब उन्हें न्याय के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
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