Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में 49 अंचलों में अंचल अधिकारी (CO) के रिक्त पदों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक राजेश कच्छप ने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि कई सीओ को एसडीए रैंक में प्रोन्नति तो दे दी गई है, लेकिन उनसे अब भी सीओ का कार्य लिया जा रहा है, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “जो जिस रैंक का अधिकारी है, उसी के अनुरूप उससे काम लिया जाना चाहिए।
दीपक बिरूआ का जवाब : प्रभार में कर रहे हैं काम
मामले पर जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि प्रोन्नत अधिकारी फिलहाल प्रभार में कार्य कर रहे हैं। प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों की ट्रेनिंग चल रही है, उनकी ट्रेनिंग पूरी होते ही नियमित पदस्थापन कर दिया जाएगा। मंत्री के अनुसार, प्रशिक्षण प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
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संतालपरगना में जमीन के अवैध हस्तांतरण का मुद्दा
सदन में ही विधायक देवेंद्र कुंवर ने संतालपरगना क्षेत्र में SPT एक्ट के तहत जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण का मामला उठाया। इस पर मंत्री दीपक बिरूआ ने आश्वासन दिया कि अवैध तरीके से हस्तांतरित जमीन संबंधित रैयतों को वापस दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गलत तरीके से जमीन पर दखल किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई कर जमीन वापस ली जाएगी। बजट सत्र के दौरान प्रशासनिक पारदर्शिता और भूमि संबंधित मामलों को लेकर सदन में गंभीर चर्चा देखने को मिली।
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