Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले राज्य की सियासत गरमा गई है। सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री और गठबंधन विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने सत्ता पक्ष के विधायकों और मंत्रियों के साथ अहम बैठक कर रणनीति तय की। एटीआइ में आयोजित इस बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि कोई भी जनप्रतिनिधि अधूरी तैयारी के साथ सदन में न जाए और अपने विभाग व मुद्दों की पूरी जानकारी रखे।
तथ्यों के साथ रखी जाएंगी सरकार की उपलब्धियां
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास कई जनकल्याणकारी योजनाएं और उपलब्धियां हैं, जिन्हें सदन में मजबूती से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि विपक्ष के हर सवाल का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा। साथ ही विपक्ष से भी सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की गई।
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हंगामे की स्थिति में सरकार भी रहेगी तैयार
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यदि विपक्ष गैरजरूरी मुद्दों को उठाकर कार्यवाही बाधित करता है, तो सत्ता पक्ष भी मजबूती से जवाब देगा। बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, राजद कोटे से मंत्री संजय प्रसाद यादव और मंत्री हफीजुल हसन सहित कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रदीप यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष पूरी तैयारी के साथ सदन में उतरेगा। उनके अनुसार सरकार के पास हर सवाल का जवाब है और विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
‘वंदे मातरम’ पर भी बयानबाजी
राजेश कच्छप ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ जैसे मुद्दे चुनावी माहौल को ध्यान में रखकर उठाए जा रहे हैं। उनका आरोप था कि भाजपा भावनात्मक मुद्दों को हवा देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है।
बकाया मुद्दों पर भी चर्चा का भरोसा
मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि सत्ता पक्ष एकजुट है और सरकार झारखंड से जुड़े लंबित और जनहित के अहम मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाएगी। कुल मिलाकर, बजट सत्र से पहले सरकार ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सदन में विपक्ष किस तरह सरकार को घेरता है और सरकार उसका जवाब कैसे देती है।
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