Samachar Post रिपोर्टर, रांची : देश में जनगणना की प्रक्रिया इस बार नए और आधुनिक स्वरूप में होने जा रही है। भारत सरकार ने पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जनगणना कराने का निर्णय लिया है। इसमें भाग लेना प्रत्येक नागरिक के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।
मोबाइल ऐप के जरिए होगी गणना
सरकार के निर्देशानुसार जनगणना मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। विशेष बात यह है कि डेटा पहले ऑफलाइन मोड में संग्रहित किया जाएगा और बाद में ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, ताकि नेटवर्क संबंधी समस्याओं से कार्य प्रभावित न हो।
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दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
डिजिटल जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी,
- पहला चरण (1 अप्रैल 2026 – 30 सितंबर 2026): इस चरण में मकानों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें घर की स्थिति, पेयजल, बिजली, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी।
- दूसरा चरण (फरवरी 2027 से): इसमें व्यक्तियों से संबंधित जानकारी जैसे नाम, उम्र, लिंग, धर्म और जाति दर्ज की जाएगी।
हर 1000 लोगों पर एक प्रगणक
सरकार की योजना के अनुसार, प्रत्येक 1000 लोगों पर एक सरकारी प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। ये कर्मचारी स्थानीय क्षेत्र से होंगे और उन्हें तहसीलदार द्वारा जारी पहचान पत्र दिया जाएगा। जनगणना कार्य के लिए उन्हें अतिरिक्त मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।
जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य
जनगणना अधिनियम 1948 (संशोधित नियम 1990) के तहत जनगणना से जुड़े प्रश्नों का सही उत्तर देना हर नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी है। अधिनियम की धारा 11 के अनुसार गलत जानकारी देना या सहयोग से इनकार करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा, एक हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि नागरिकों की निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। इसके लिए बेंगलुरु, लखनऊ और नई दिल्ली में अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन तक केवल अधिकृत अधिकारियों की ही पहुंच होगी और किसी निजी संस्था या आम व्यक्ति को यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
नागरिक क्या करें?
जब प्रगणक आपके घर आएं, तो उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देखें और सभी प्रश्नों का सही-सही उत्तर दें। यह प्रक्रिया देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सटीक जानकारी से ही भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी बन सकेंगी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।