Samachar Post रिपोर्टर,रांची :बजट सत्र के दौरान सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के 25 वर्षों के बजट सत्र के इतिहास में विपक्ष की ओर से एक भी संशोधन प्रस्ताव नहीं लाया गया। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष सदन के भीतर ठोस पहल करने के बजाय बाहर अखबारों में सरकार की आलोचना करता है।
सदन में काम, बाहर सिर्फ बयानबाजी- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम कर रही है और उसके परिणाम जनता देख रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले दूसरे राज्यों के कार्यों की चर्चा होती थी, लेकिन अब राज्य के विकास कार्यों की चर्चा अन्य राज्यों में भी होने लगी है। डबल इंजन सरकार पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जनता उसके कामकाज को देख चुकी है और आगे भी देखती रहेगी। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। पिछले 25 वर्षों में खींची गई लकीरों को मिटाकर नई राह बनाना आसान नहीं है, लेकिन सरकार दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
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विपक्ष की उपस्थिति पर भी उठाए सवाल
सीएम ने सदन में विपक्ष की सक्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष की मौजूदगी लगभग शून्य रही और नेता प्रतिपक्ष की सक्रियता भी नहीं दिखी। उनके अनुसार, सरकार पर नजर रखना विपक्ष की जिम्मेदारी है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति जनता के प्रति उदासीनता दर्शाती है।
सामाजिक मुद्दों और नीतिगत संकेत
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सामाजिक विषयों का भी जिक्र किया। उन्होंने हाल ही में एक बच्ची के अंगदान के उदाहरण को प्रेरणादायक बताया और संकेत दिया कि राज्य में अंगदान से संबंधित कानून बनाने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा, जेपीएससी की आयु सीमा से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने कहा कि विषय को गंभीरता से लिया गया है और सकारात्मक निर्णय की दिशा में पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष के कुछ विधायक ही सदन में मौजूद थे। उनके संबोधन की शुरुआत होते ही विपक्ष ने विरोध जताते हुए वॉकआउट कर दिया, जिससे बजट सत्र का सियासी माहौल और गरमा गया।
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