Samachar Post रिपोर्टर,रांची :राजधानी में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक विशेष मुलाकात का आयोजन हुआ, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे झारखंड के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों का स्वागत करते हुए राज्य की शिक्षा और प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के प्रयासों पर चर्चा की।
विदेशों में पढ़ रहे मेधावी छात्र पहुंचे
मुख्यमंत्री से मिलने वालों में डॉ. रेजिना हांसदा (यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग), डॉ. रिचर्ड टोप्पो (यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड से मास्टर्स व इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज से पीएचडी), माधुरी खलखो (स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज में पीएचडी), रूबी हेंब्रम (लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पीएचडी) और नोलीना मिंज (यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट एंड्रयूज से मास्टर्स) शामिल रहीं। छात्रों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार की शिक्षा-समर्थक नीतियों के कारण उन्हें वैश्विक संस्थानों में पढ़ाई का अवसर मिला है।
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छात्रवृत्ति योजना से खुल रहे अवसर
मुलाकात के दौरान छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा परदेशीय छात्रवृत्ति योजना का उल्लेख करते हुए इसे प्रेरणादायक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना से युवाओं को विदेशों में उच्च शिक्षा और शोध के नए अवसर मिल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएँ।
आदिवासी छात्रों को आगे बढ़ाने पर जोर
स्कॉलर्स ने राज्य के आदिवासी युवाओं को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के छात्र अब विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि फिलहाल हर वर्ष 25 छात्र इस योजना का लाभ ले रहे हैं और भविष्य में इसकी संख्या बढ़ाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
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